प्रदूषण का अर्थ ,प्रदूषण के कारण
꧁ Digital Diary ༒Largest Writing Community༒꧂
प्रदूषण एक ऐसी अवां छनीय स्थित है जिसमें भौतिक रासायनिक एवं जैविक परिवर्तनों के द्वारा हवा जल और भूमि अपनी प्राकृतिक गुणवत्ता को खो बैठते हैं और इस कारण जीवन प्रक्रिया बाधित होती है और प्रगति रुक जाती है आज प्रदूषण की स्थिति इतनी गंभीर है कि इसे रोकने के तत्काल प्रयास किया जाए अंत बच्चों को कक्षाओं में पर्यावरण की शिक्षा दी जानी चाहिए और साथ ही उनकी आदतों रुचियां को पर्यावरण सुधार में लाना भी आवश्यक है
वाहित मल : बड़े नगरों तथा कस्बो के मकान से निकलना मल मूत्र भूमिगत नालियों द्वारा प्राय: नदियों तालाबों झीलों आदि में डाल दिया जाता है जिसके कारण इसका जल प्रदूषित हो जाता है और पानी पीने योग्य नहीं रहता है
कीटनाशक पदार्थ: कई प्रकार के कीटनाशक पदार्थ का उपयोग कीड़े मकोड़े की जीवाणु ओ कवको आदि को करने के लिए खेतों खलिहानो बगीचों गन्दी नालियों फसलों आदि पर किए जाते हैं
धुआँ: औद्योगिक चिमनियों घरों में ईंधन के जलने तथा रेल के ईंधन आदि से धुआं निकलता है जिससे वायु का प्रदूषण होता है धुए मैं मैं कार्बन डाइऑक्साइड कार्बन मोनो एक्साइड कार्बन तथा नाइट्रोजन योग होते हैं यह सभी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं
ध्वनि : लाउडस्पीकर रेडियो मशीन ऑन तथा अन्य यंत्रों से निकलने वाली तेज आवाज मन को ख खिन करती है इससे झुंझलाहट बढ़ती है और व्यक्ति परेशानी का अनुभव करता है और इसके स्वास्थ्य पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
Heena
@DigitalDiaryWefru