पवनमुक्तासन करने का तरीका और फायदे

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पवनमुक्तासन को यह नाम इसलिए दिया गया है की यह आपके पाचन तंत्र में जो भी अधिक वायु होती है, उसे निकालने में मदद करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।

इस लेख में पवनमुक्तासन के आसन को करने के तरीके और उससे होने वाले लाभों ंके बारे में बताया गया है। साथ में यह भी बताया गया है कि आसन करने के दौरान क्या सावधानी बरतें।

पवनमुक्तासन के फायदे -

पवनमुक्तासन के फायदे इस प्रकार हैं:

1.पवनमुक्तासन पीठ की निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रीढ़ की हड्डी में लचक बढ़ाता है।

2.यह पेट और पाचन अंगों की मालिश करता है और इसलिए पेट में गैस और कब्ज को हटाने में बहुत प्रभावी है। (और पढ़ें - पेट में गैस के घरेलू उपाय)

3.श्रोणि की मांसपेशियों और प्रजनन अंगों की मालिश करके, यह नपुंसकता, बाँझपन और मासिक धर्म की समस्याओं के उपाय में भी उपयोगी है।

पवनमुक्तासन करने का तरीका -

पवनमुक्तासन करने का तरीका इस प्रकार है:

1.अपनी पीठ के बाल सीधा ज़माईन पर लेट जायें।

2.श्वास छोड़ते हुए दोनों घुटनों को मोड़ें और जांघों को छाती की तरफ लाएं। घुटनों के ठीक नीचे दोनो हाथों की उंगलियों को एक दूसरे के साथ पकड़ लें।

3.गहरा श्वास लेंश्वास को छोड़ते हुए सिर और कंधों को ऊपर उठायें और घुटनों के बीच के स्थान में नाक लगाने का प्रयास करें। कुछ सेकंड के लिए इस स्थिति में श्वास लें और छोड़ें।

4.धीरे-धीरे सिर, कंधों और पैरों को वापिस शुरुआती मुद्रा में ले आयें।

5.यह 3 बार अभ्यास करें।

पवनमुक्तासन करने में क्या सावधानी बरती जाए -

यदि आप हाई बीपी या गंभीर कमर दर्द या चोट से पीड़ित हैं, या पीठ की कोई और समस्या जैसे कि कटिस्नायुशूल (साएटिका) और स्लिप डिस्क, तो पवनमुक्तासन ना करें।

Thank you.




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