अधोमुख श्वानासन को करने से सेहत को होते हैं ये 7 फायदे जानें इस आसन को करने की विधि

꧁ Digital Diary ༒Largest Writing Community༒꧂


Meri Kalam Se Digital Diary Create a free account




अगर शरीर को तंदुरुस्त रखना है तो दिनचर्या में एक्सरसाइज के साथ योग और आसनों को जोड़ना भी जरूरी है। आज हम फिर एक ऐसे आसन के बारे में बता रहे हैं, जिसे करने से न केवल टांगों को मजबूती मिलती है बल्कि बाजुओं और कंधे भी मजबूत बनते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं अधोमुख श्वानासन  की। यह आसन 3 शब्दों से मिलकर बना है- अधो, मुख और श्र्वान। अगर इन तीनों के अर्थ की बात की जाए तो अधु का अर्थ है नीचे की ओर जाना, जबकि मुख का अर्थ मुंह और श्र्वान का अर्थ कुत्ता होता है। आज का हमारा लेख इसी आसन पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि अधोमुख श्वानासन करने से सेहत को क्या लाभ मिलते हैं।साथ ही अधोमुख श्वानासन को करने की विधि और इस आसन के दौरान बरतने वाली सावधानी को भी जानेंगे।

   

अधोमुख श्वानासन करने की विधि

सबसे पहले जमीन पर योग मैट बिछाएं और उस पर सीधे खड़े हो जाएं। अब अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं और जमीन की तरफ झुकें। जब आप जमीन की तरफ झुकेंगे तो आपके घुटने और हाथ एकदम सीधे होनी चाहिए। अब ऊपर दिए चित्र के अनुसार अपनी आकार धनुष की भांति बना लें। याद रहे कि आपके हाथ और टांग एकदम सीधे होने चाहिए। अब गहरी लंबी सांस लें और कूल्हों पर जोर डालें। अपने हाथों को पूरी तरह से जमीन पर टिकाएं और अपने कूल्हों को जितना हो सके उतना ऊपर उठाने की कोशिश करें। आपका सिर भी जमीन की तरह होना चाहिए। आपकी दृष्टि आपके पैरों की तरफ होनी चाहिए। अब इस स्थिति में लगभग तब तक रहें जब तक आप संतुलन बना सकते हैं। ध्यान रहे कि अपनी क्षमता पर ज्यादा जोर ना डालें।

इस आसन को करने से पहले अगर आप ताड़ासन, उत्तानासन और बालासन करते हैं तो इस आसन को करने में आसानी मिलती है। इन आसनों को करने से शरीर पर काफी प्रभाव पड़ता है और मांसपेशियां मजबूत होती है। ध्यान रहे कि आप अपनी क्षमता पर ज्यादा जोर ना डालें। जितने समय तक झुका जा रहा है केवल उतने समय तक की झुकें। इस आसन को करने के दौरान ज्यादा भार शरीर का हाथों पर ना डालें बल्कि कूल्हों की ओर ले जाने का प्रयास करें।

इस योग को करते वक्त बरते सावधानी

1 - अगर आप की कलाई में दर्द हो रहा है या चोट लगी है तो आप इस आसन को ना करें।

2 - अगर दस्त हो रहे हैं या आंखों की समस्या है तो इस आसन को ना करें।

3 - जिन लोगों को हाई बीपी की समस्या है या जिन लोगों के कान में संक्रमण या आंखों में संक्रमण है तो इस आसन को ना करें।

4 - अगर आपकी कमर पैरों की अंगुलियां या भुजाओं में चोट लगी है तो आसन को ना करें।

अधोमुख श्वानासन को करने के फायदे

1 - शरीर में इंसटेंट ऊर्जा लाने के लिए यह आसन बेहद सहायक है।

2 - यहां से मस्तिष्क को शांत रखता है और शरीर को चिंता, तनाव और डिप्रेशन की समस्या से दूर करता है।

3 - अस्थमा से लड़ने में अधोमुख श्वानासन बेहद मददगार है।

4 - साइनस या साइटिका को दूर करने में यह आसन बेहद मददगार है।

5 - कंधो को मजबूती देने के साथ-साथ है टांगों और बाजू को भी मजबूती देता है।

6 - पिंडली और बाजू में खिंचाव लाने के लिए अधोमुख श्वानासन का प्रयोग कर सकते हैं।

7 - अगर आपको नींद नहीं आती या आपको थकान रहती है, पीठ में दर्द रहता है, सर में दर्द रहता है तो इस आसन को करने से समस्या दूर हो जाती है।

नोट - बता दें कि इस आसन को करते वक्त अगर आपकी एड़ियां जमीन पर नहीं टिक रही हैं तो जबरदस्ती उन्हें टिकाने की कोशिश ना करें। वरना इससे असामान्य दर्द महसूस हो सकता है। अपनी क्षमता पर केवल उतना ही जोड़ डालें, जितना आप कर सकते हैं। अगर आपको गहरी लंबी सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो आप अपनी सुविधानुसार भी सांस ले सकते हैं।

Thank you.




Leave a comment

We are accepting Guest Posting on our website for all categories.


Comments