बोलने वाला पेड़

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           बोलने वाला पेड़

मैं एक पेड़ था मुझे वृक्ष करो और पादप भी कहते थे धरती की गोद में मेरा जन्म हुआ। मुझे आज भी याद है जब किसी सज्जन ने अपने बगीचे में मेरे बीज को धरती के अंदर गाड़ दिया था। मैं तो बिल्कुल घबरा उठा था लेकिन प्रकृति की मानता है कि उसने मुझे प्रकाश और हवा प्रदान की। वह व्यक्ति भी मुझे रोज देखने आता था और पानी देता था हवा पानी और प्रकाश प्रकार मेरे अंदर अंकुर फूट गए मेरा अंकुर देखकर उसे व्यक्ति के मुख पर प्रसन्नता की लहर दौड़ पड़ी। 

मैं धीरे-धीरे बड़ा होने लगा मुझ में पत्ते निकलने लगे। यह सब देखकर वह व्यक्ति बड़ा खुश होता था। उसे व्यक्ति के बच्चे बड़े ही नटखट वह शरारती थे। उनकी बोली और चंचलता मुझे अच्छी लगती थी लेकिन कभी-कभी वह मेरे पत्ते तोड़ लेते थे तो मुझे बड़ा दर्द होता था लेकिन मैं कुछ कह नहीं पता था।

जब मुझ में फूल और फल निकलने लगे। मेरे फल को सब बड़े ही चाव से खाते थे। फल और हवा के अतिरिक्त मैं उन्हें एक ऐसी चीज भी प्रदान करता था जो वे देख नहीं पाते थे। वह चीज थी ------ ऑक्सीजन।

ऑक्सीजन के बिना मनुष्य पल भर भी जीवित नहीं रह सकता। मनुष्य सांस द्वारा ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड एक विषैली गैस है जो वातावरण को अशुद्ध बना देती है। मैं उसे कार्बन डाइऑक्साइड को अपने अंदर ग्रहण कर लेता था। और वातावरण को शुद्ध बनाए रखने में मदद करता था।

एक दिन की बात है एक आदमी कुल्हाड़ी लेकर आया और मेरे ऊपर परिहार करने लगा। मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगा, "मुझे मत काटो! मुझे मत काटो!" लेकिन उसने एक न सुनी। मैं सिसकता रहा लेकिन उसने मुझे काट कर गिरा दिया। इस प्रकार मेरा अंत हो गया। मैं इस जीव जगत को यही संदेश दे रहा हूं---

   वृक्ष धरा के है परिधान।

  इन्हें लगाना कार्य महान।।

FAQ

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Nikita Babre

Nikita Babre

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My name is Nikita Babre.

My father name is popan kumar.

My mother name is Ruby.

 

 




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Nikita Babre Nikita Babre 2026-09-18 16:35:07
Bahut acchi kahani hai ?




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