कोशिश कर

꧁ Digital Diary ༒Largest Writing Community༒꧂

Content loading...

Digital Diary Create a free account




कोशिश कर 

नमस्कार दोस्तों उम्मीद करती हूं कि आप सभी अच्छे होंगे। आज मैं एक प्रेरणादायक कविता लाई हूं। जो हमें हमारे लक्ष्य की ओर जाने में उत्साहित  करेगी।

  कोशिश कर, हल निकलेगा, 

आज नहीं तो, कल निकलेगा।

‌अर्जुन सा लक्ष्य रख, निशान लगा ,

​​​​मरुस्थल से भी फिर, जल निकलेगा।

मेहनत कर, पौधों को जल दे,

बंजार में भी फिर, फल निकलेगा। 

​​​ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,

फौलाद का भी, बल निकलेगा।

सीने में उम्मीदो को, जिंदा रख,

समंदर से भी, गंगाजल निकलेगा। 

कोशिशे जारी रख, कुछ कर गुजरने की,

जो कुछ थमा-थमा है, चल निकलेगा।

कोशिश कर, हल निकलेगा, 

आज नहीं तो, कल निकलेगा।

   सिख :  इस कविता से हमें मेहनत और कोशिश करने की सीख मिली है। कैसी भी परिस्थिति हो कोशिश करते रहना चाहिए। इसलिए कहा गया है कि कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो ,कल निकलेगा।                                 

 

 

     

 

 

      

 




Leave a comment

We are accepting Guest Posting on our website for all categories.


Comments