आदत से लाचार
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नमस्कार दोस्तों उम्मीद करती हूं कि आप सभी अच्छे होंगे। आज हम एक मेंढक की कहानी के जारीय अपनी आदतों को जान सकते हैं और उन्हें दूर करने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रेरणादायक कहानी "आदत से लाचार मेंढक "-
एक समय की बात है एक मेंढक रोज की तरह मक्खियों का शिकार कर रहा था। उसी समय एक सांप वहां से गुजर रहा था।

सांप की नजर उस मेंढक पर पड़ जाती है सांप सोचता है चलो आज के भोजन का प्रबंध हुआ। और सांप उस मेंढक को पीछे की ओर से एक झटके में आधा मुंह में भर लेता है।

अब स्थिति यह है कि मेंढक के शरीर का पीछे का आधा हस्सा सांप के मुंह में है और आगे का आधा हिस्सा मुंह के बाहर तभी उस मेंढक के सामने से एक मक्खी उड़ती हुई आती है। और मेंढक सांप के मुंह में दबे होने के बाद भी अपने आदत के कारण सामने आने वाली मक्खियों को खाने के लिए जीभ निकलता है।
यह उसकी आदत है जिसे वह अपनी मौत को सामने देखते हुए भी छोड़ नहीं पता।
" याद रखे आपकी आदत ही आपका भविष्य तय करती है समय रहते अपनी बुरी आदतों को बदले "
सिख : हमें अपनी बुरी आदतों को छोड़ा होगा। क्योंकि हमारी आदत ही हमारा अच्छा भविष्य तय करेगी। अच्छी आदतों को अपनाओ।
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Chanchal Dhiman digital content writer
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